उच्च न्यायालय के आदेश तक नियमित स्कूल में नौवीं से 12वीं कक्षा तक लगातार दो साल तक फेल होने वाले छात्रों को दाखिला देने से इनकार नहीं किया जा सकता है । याचिकाकर्ता सैयद मोहम्मद उमर ने कहा था कि उनके बेटे 9वीं में फेल हो गए हैं और नियमित स्कूल में उनका दाखिला नहीं लिया जा रहा है

इस पर कोर्ट ने कहा था कि यह गंभीर मामला है क्योंकि हर कोई न्यायालय का दरवाजा नहीं खटखटा सकता। बता दे कि न्यायालय ने दिल्ली सरकार के कुछ सर्कुलर पर भी रोक लगा दी थी

जिसके तहत दो बार फेल होने वाले नियमित स्कूलों में दाखिला नहीं देने का प्रावधान किया गया था। जस्टिस राजीव शकधर ने कहा कि याचिका पर फैसला आने तक यह आदेश जारी रहेगा अगली सुनवाई 15 मई 2020 को होगी ।