जेपीएससी जे एस एस सी को लेकर अंतिम चार्जशीट

Share The News

vinay singh jharkhandaajtak.in

क्या है सीआईडी के 5 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट में
रामबीर- खाली omr का मास्टरमाइंड था? अभय चला रहा था सेटिंग के लिए पूरा खेल. श्वेता गुप्ता पर लगाया गया है कि वे सिविल सेवा पीटी की आंसर आधिकारिक रूप से जारी होने से पहले ही व्हाट्सऐप में मोहम्मद उस्मान को भेज दिया था। दूसरे विभाग में तबादला होने के बाद भी वह jpsc पद पर बनी रही थी और गोपनीय प्रक्रिया को संचालित करती रही। इसकी एबज में टीडीपीएल के कर्मचारी ने जनवरी से जून 2026 के बीच उनके और परिजन के लिए रांची से दिल्ली और बेंगलुरु के हवाई टिकट बुक कराए। सीडीआर से सिंडिकेट के साथ लगातार बातचीत और उनके नियंत्रण परिसर से संवेदनशील परीक्षा सामग्री बरामद होने का साक्ष्य मिला है। रामवीर सिंह परीक्षा के बाद खाली ओएमआर भरवा कर नंबर बढ़ा देता था। रामबीर सिंह कुछ अभ्यर्थियों को वहीं प्रश्न पर पत्र हल करने के लिए बोलता था, जिसका उत्तर उसे पता था बाकी ओएम आर सीट को खाली छोड़ने बोलता था। बाद में स्कैनिंग के दौरान भरकर अंक बढ़ाया जाता था। उत्तर पुस्तिका को बदलने, पीडीएफ एडिटिंग और बैक एंड सर्वर में सीधे हस्तक्षेप के जरिए अंक बढ़ाने में मुख्य भूमिका थी। jpsc 14वें सिविल सेवा पीटी के दौरान, वह 36 अभ्यर्थियों के संपर्क में था। उसने कंपनी के खाते से अवैध ढंग से रकम पत्नी मीना सिंह के खाते में ट्रांसफर कराया था। बिना टेंडर के नॉमिनेशन के आधार पर काम लिया था। अभय तिवारी को पूरा सिंडिकेट का मुख्य संचालक बताया गया है। एजेंसी का कर्मचारी रहते, उसने cgl, पीजीटी, एसीएफ, एफआरओ और एफएसओ की परीक्षा गलत तरीके से पास किया था। अपना चयन दिखाकर, वह मित्रों को झांसा में लेता था। पीटी के लिए ₹500000 और अंतिम चयन के लिए ₹2500000 वसूलता था। वसूली की गारंटी के तौर पर अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र ब्लैंक चेक लेता था। लालपुर में वह अपने साले के नाम पर फ्लैट लेकर एजेंसी का अवैध दफ्तर चलाता था। कंपनी निदेशक का होटल का बिल भी अपने खाते से भरता था। मोहम्मद उस्मान, श्वेता गुप्ता ने इसी के मोबाइल पर आंसर को भेजा था। इसने फॉरेस्ट रेंज अफसर, मेन्स 2026 की उत्तरपुस्तिका का संवेदनशील डेटा बाहर निजी कंप्यूटर पर भेजा था। उस्मान के ईमेल आईडी और ट्रैवल पोर्टल की जरिए ही श्वेता गुप्ता के लिए हवाई टिकट बुक कराए गए थे. स्कैन के दौरान ओएमआर सीट के बंडल से छेड़छाड़ और डेटा में फेरबदल की साजिश में इसकी पूरी संलिप्तता थी। मोहम्मद ऐवाद कॉपी बाहर ले जाकर बैक एंड डेटा में हेरफेर करता था। जेपीएससी के गोपनीय परीक्षा सामग्री विशेषकर एफआरओ परीक्षा, 2026 की कॉपी को पेन ड्राइव और हार्ड डिस्क के जरिए बाहर निकालने वाले रायपुर में निजी परीक्षण सिस्टम में फिट करने का काम करता था। एजेंसी के सर्वर और कंप्यूटर का रिजल्ट करने में शामिल था


Share The News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *