झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा छठी सिविल सेवा परीक्षा में बरती गई अनियमितता व परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्र धरने पर बैठे है। वे लोग मुख्यमंत्री से मिलने मुख्यमंत्री आवास गए परंतु उन्हें अपॉइंटमेंट नहीं मिलने के कारण वे मुख्यमंत्री से नहीं मिल सके। गौरतलब है कि जब रघुवर सरकार थी तो हेमंत सोरेन ने इस परीक्षा में गड़बड़ी की बात कही थी परंतु अब छात्रों द्वारा इस परीक्षा को रद्द करने की मांग की जा रही है तो मुख्यमंत्री इसके लिए कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं.

उन्होंने कहा है कि जब तक छठी जेपीएससी परीक्षा को रद्द नहीं किया जाएगा वे धरने पर बैठे रहेंगे छात्र नेता ने बताया कि अभ्यर्थी पढ़ाई छोड़ कर धरने पर बैठे हैं उन्होंने कहा कि छठी जेपीएससी की पूरी नियमावली एवं प्रक्रिया भी गलत है इसे रद्द करना चाहिए एवं वे लोग 24 फरवरी को होने वाले साक्षात्कार नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि गलत नियमावली से परीक्षा होने के बाद इसका हर्जाना छात्रों को उठाना पड़ रहा है।