vinay singh jharkhandaajtak.in
झारखंड सरकार ने पुलिस बहाली से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण मामले में हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें हाईकोर्ट ने कहा था कि राज्य के होमगार्ड , रक्षा वाहिनी जवान को पुलिस बल में सीधे तौर पर समायोजित कर देना चाहिए। इसके लिए विशेष अनुमति याचिका के लिए प्रार्थना किया गया है। झारखंड सरकार ने तर्क में कहा है कि पुलिस बल में सीधी नियुक्ति के लिए जो प्रक्रिया है, न्यूनतम योग्यता है और शारीरिक परीक्षा अनिवार्य होती है। बिना नियम आधारित चयन प्रक्रिया के होमगार्ड जवानों का पुलिस सेवा में सीधा समायोजन करना गलत होगा। ऐसा करने से पुलिस बहाली के नियम और आज के प्रशासनिक ढांचे पर असर पड़ेगा। वहीं इस कदम से राज्य के हजारों होमगार्ड जवान की उम्मीद को बड़ा झटका लगा है, जो लंबे समय से हाईकोर्ट के फैसले के आधार पर पुलिस सेवा में अस्थायी समायोजन की आस में बैठे हुए थे। फिलहाल, राज्य सरकार की याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में अगर सुनवाई शुरू हो जाती है तो फिर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद ही होमगार्ड के नियमितीकरण पर फैसला आ पाएगा।