झारखंड स्टार्टअप इकोसिस्टम को कई स्थानीय लोगों का मिला साथ, फंडिंग को लेकर लोगों में रुचि.

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vinay singh jharkhandaajtak.in

NRIIC के Third World Angel Network ने अपने पहले निवेश के रूप में इन्क्यूबेटेड स्टार्ट-अप Rikocraft को ₹5 लाख की फंडिंग दी

जमशेदपुर, सितंबर 2026: झारखंड के उभरते स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में Navachar Research Incubation and Innovation Council (NRIIC) के Third World Angel Network ने अपने इन्क्यूबेटेड स्टार्ट-अप Rikocraft को ₹5 लाख की पहली फंडिंग प्रदान की है। Rikocraft हस्तशिल्प एवं पारंपरिक शिल्प के क्षेत्र में कार्यरत एक उभरता हुआ स्टार्ट-अप है।

NRIIC के लिए यह केवल एक निवेश नहीं, बल्कि 2014 से शुरू हुई 12 वर्षों की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। पिछले 12 वर्षों से NRIIC झारखंड में स्टार्ट-अप एवं इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने, उद्यमियों को अवसर उपलब्ध कराने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। अब यह यात्रा स्टार्ट-अप्स को मार्गदर्शन एवं इनक्यूबेशन देने से आगे बढ़कर उन्हें वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने के चरण में पहुंच गई है।

इस वर्ष NRIIC ने अपने पोर्टफोलियो के कुछ चयनित और संभावनाशील स्टार्ट-अप्स को फंडिंग उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया था। Rikocraft को दी गई ₹5 लाख की फंडिंग इसी पहल की पहली महत्वपूर्ण कड़ी है।

Rikocraft : पारंपरिक हस्तशिल्प को नए बाजार से जोड़ने की पहल

Rikocraft हस्तशिल्प एवं पारंपरिक कारीगरी के क्षेत्र में काम कर रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय एवं पारंपरिक शिल्पकारों की कला को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक बाजारों से जोड़ना और उनके लिए स्थायी आजीविका के अवसर तैयार करना है।

Rikocraft के समर्पित संस्थापक Koushik Chakraborty लगातार इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। एक Tier-II शहर से व्यवसाय खड़ा करने की चुनौतियों के बावजूद उनका निरंतर प्रयास और प्रतिबद्धता इस उद्यम की महत्वपूर्ण ताकत है।

स्थानीय निवेशकों का मजबूत नेटवर्क बनाना जरूरी

इस उपलब्धि पर Amar Nath Singh, Director, NRIIC ने कहा:
“हमें यहां तक पहुंचने में 12 वर्ष लगे हैं। वर्ष 2014 में हमने झारखंड में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में काम शुरू किया था और आज हमें खुशी है कि हम अपने ही इन्क्यूबेटेड स्टार्ट-अप को वित्तीय सहयोग देने की स्थिति में पहुंचे हैं। Rikocraft में ₹5 लाख का यह निवेश हमारे लिए केवल शुरुआत है।”

उन्होंने आगे कहा:
“इस वर्ष हमने अपने पोर्टफोलियो से कुछ संभावनाशील स्टार्ट-अप्स को फंडिंग उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही हमारा उद्देश्य स्थानीय HNI और निवेशकों को भी स्टार्ट-अप्स में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है। जमीन, प्रॉपर्टी, शेयर, म्यूचुअल फंड और गोल्ड के अलावा स्टार्ट-अप भी निवेश का एक नया और आकर्षक क्षेत्र हो सकता है। हालांकि, यह एक हाई-रिस्क निवेश क्षेत्र है, इसलिए निवेशकों को जोखिम को समझते हुए ही निवेश करना चाहिए। यहां रिटर्न भी काफी अप्रत्याशित हो सकता है।”

Tier-II और Tier-III शहरों में फंडिंग की चुनौती पर उन्होंने कहा:
“स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को अगले स्तर पर ले जाने के लिए हमारे पास अपने स्थानीय फंडिंग चैनल होने चाहिए। आज भी छोटे शहरों के अधिकांश स्टार्ट-अप्स को फंडिंग की तलाश में बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता है। यदि हम स्थानीय निवेशकों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर सकें, तो स्टार्ट-अप्स को अपने ही शहर और राज्य में पूंजी उपलब्ध हो सकती है और वे यहीं से बड़े व्यवसाय का निर्माण कर सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि Third World Angel Network इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य संभावनाशील स्टार्ट-अप्स और निवेशकों के बीच मजबूत कनेक्शन तैयार करना है।

अगला Unicorn Tier-II या Tier-III शहर से भी आ सकता है

Amar Nath Singh ने कहा:
“हमारा मानना है कि भारत का अगला Unicorn जरूरी नहीं कि किसी Metro City से ही आए। वह Tier-II या Tier-III शहर से भी आ सकता है, जहां युवा उद्यमी स्थानीय समस्याओं के समाधान पर काम कर रहे हैं। उन्हें केवल सही समय पर पूंजी, मार्गदर्शन, बाजार और मजबूत इकोसिस्टम की आवश्यकता है।”

उन्होंने आगे कहा कि बड़े शहरों में फंडिंग के कई विकल्प उपलब्ध हैं, जबकि छोटे शहरों में अभी इस नेटवर्क को विकसित करने की आवश्यकता है। स्थानीय निवेशकों और एंजेल नेटवर्क के मजबूत होने से न केवल स्टार्ट-अप्स को पूंजी मिलेगी, बल्कि स्थानीय पूंजी भी स्थानीय उद्यमों के विकास में लगेगी।

Rikocraft को मिली ₹5 लाख की फंडिंग को NRIIC एक बड़े फंडिंग मिशन की शुरुआत के रूप में देख रहा है। आने वाले समय में NRIIC अपने पोर्टफोलियो के अन्य चयनित स्टार्ट-अप्स के लिए भी निवेश एवं फंडिंग की संभावनाएं तलाशेगा।

2014 में इकोसिस्टम निर्माण से शुरू हुई NRIIC की 12 वर्षों की यात्रा अब एक नए चरण में प्रवेश कर चुकी है
“Idea से Business” तक साथ देने के बाद अब अपने स्टार्ट-अप्स को “Business से Scale-up” की दिशा में वित्तीय सहयोग देने की ओर।


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