क्या पंचायत सचिव की अंतिम नियुक्ति के लिए सरकार ने निर्देश दे दिया है
Nitusingh abtaknews.live
सदन के अंदर bahas के समय जब संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम बयान दे रहे थे तो उस बयान में पिछले कई दिनों से चल रहे पंचायत सचिव नियुक्ति की असमंजस वाली स्थिति पर भी उन्होंने टिप्पणी किया .उन्होंने विधायक विनोद सिंह के प्रश्न के जवाब में कहा कि सरकार ने पहले यह निर्णय लिया था की नई नियोजन नीति बनेगी और नई नियोजन नीति के फलस्वरुप जो भी नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है उसे रोकते हुए नए सिरे से किया जाएगा. इसके बाद पंचायत सचिव अभ्यर्थी हर दरवाजे और हर विधायक के घर पर पहुंचे. रांची में एवं दिल्ली में झारखंड में पंचायत सचिव नियुक्ति जिसकी प्रक्रिया पूरी हो गई थी उसे रोकने का आरोप लगाते हुए स्टूडेंट पिछले कई दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. तो क्या इस बार संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम के बयान के बाद सब कुछ ठीक हो गया है. क्या इस बार पंचायत सचिवों की नियुक्ति हो जाएगी .
झारखंड अब तक न्यूज़ चैनल का मानना है कि यह एक बार फिर से सरकार ने धोखा देने का काम किया है क्योंकि यह आंदोलन 2017 से जारी है .अब तक लगभग हर बार विधानसभा सत्र के दौरान यह मामला जब- जब उठा है सरकार ने यही कहा है कि हम भरोसा दिलाते हैं कि नियुक्ति कर देंगे लेकिन यह सरकार की भरोसे कि अंतिम स्टेटमेंट होगी क्योंकि इसके बाद भी सरकार मुकर सकती है.
यदि सरकार के मन में पंचायत सचिव नियुक्ति को लेकर अच्छी सोच है तो फिर इतना दिन इंतजार क्यों करवा रही ?इतनी आंदोलन के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया क्यों पूरी नहीं कर रही है? इसलिए अब समय आ गया है सिर्फ सदन में एक वाक्य बोल कर मामले को रोका नहीं जा सकता है क्योंकि यह मामला हाई कोर्ट के ऑर्डर से भी जुड़ गया है. जिसमें 12 मार्च को लोक अदालत तक में इस मामले को ले जाने की कोशिश की गई है .पंचायत सचिव अभ्यर्थियों को कुछ और धैर्य बनाकर रखना चाहिए क्योंकि सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है और यह दबाव न्यायपालिका से हो रहा है. सरकार को जब प्रतीत होगा कि न्यायपालिका की फटकार उन्हें बार-बार मिल रही है, तो अब बचना मुश्किल होगा. यही एकमात्र विकल्प है कि पंचायत सचिव की नियुक्ति होगी .संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम खुद बहुत ज्यादा दबाव के बाद इस वाक्य को बोलकर कि हम कोशिश करेंगे नियुक्ति देने की ,यह बताता है कि यह टालने की नीति है क्योंकि जब रिजल्ट बनकर तैयार है तो इसे निकालने में 24 घंटे का भी वक्त नहीं लगेगा .आप jpsc और जेएसएससी की दूसरी प्रक्रिया को देखिए कि उसमें कोर्ट का आदेश आया और 1 घंटे के बाद रिजल्ट प्रकाशित हो गया.
देखना पड़ेगा इस बार सरकार पूरी चीजों को कैसे हैंडल करती है.