सातवीं जेपीएससी में उम्र सीमा क्या होनी चाहिए ,इसे लेकर 5 याचिका में एक साथ आज सुनवाई शुरू हुई. मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन जी ने इसे स्वयं से मॉनिटरिंग किया. पहले ऐसा लगा इस पर फैसला 1:00 बजे तक आ जाएगा लेकिन फिर 2:00 बजे के बाद इस पर सुनवाई की बात सामने आई लेकिन सुनवाई को आज स्थगित करके कल तक के लिए टाल दिया गया है .जेपीएससी और सरकार की ओर से राजीव रंजन जी केस लड़ रहे हैं जबकि स्टूडेंट की ओर से श्री अजीत कुमार. पूर्व में भी इस मुद्दे पर सुनवाई हो चुकी है और इस मामले के जानकार बताते हैं कि स्टूडेंट्स को इसका लाभ मिल जाएगा .अगर ऐसा होता है तो जेपीएससी को एक बार फिर से अपनी परीक्षा तिथि 12 सितंबर से बढ़ाकर अक्टूबर अथवा नवंबर में करनी पड़ सकती है. जो स्टूडेंट तैयारी कर रहे हैं उनके मन में भी संशय है कि अब ना जाने आगे क्या होगा दोनों ओर से यह दलीले दी जा रही है .jpsc ने कहा है कि उसने सही सिस्टम का पालन किया है और नियम अनुरूप ही उम्र में छूट दिया है जबकि स्टूडेंट के वकील का कहना है कि जब जेपीएससी इतनी देर से वैकेंसी निकलती है तो फिर इसकी समस्या स्टूडेंट को क्यों हो? इसलिए उम्र सीमा आगे बढ़ानी चाहिए ताकि सभी लोगों को इसका अवसर का लाभ उठाने का मौका मिल सके