गौरतलब है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा 2017 में 3088 पदों पर पंचायत सचिव की परीक्षा ली गई थी परंतु 3 साल बाद भी अभ्यर्थी इंतजार में है। अब तक इनकी नियुक्ति नहीं हुई है। 11 माह पूर्व करीब 5000 अभ्यर्थियों की नियुक्ति से संबंधित सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी परंतु इन्हें भी नियुक्ति का इंतजार करना पड़ रहा है, इनकी भी अब तक नियुक्ति नहीं की गई है।

इसमें महिलाओं के लिए 50% सीट आरक्षित की गई थी। अभ्यर्थी लगातार मेधा सूची निकालने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं परंतु इन पर लाठीचार्ज कर उन्हें शांत रहने की बात कहीं गई है । अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी उम्र एवं समय निकलते जा रहे हैं परंतु रोजगार देने की उम्मीद जगा कर वह सभी को बेरोजगार रखा गया है ।