34 सालों के बाद शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए गए हैं बता दें कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय हो गया है। यह फैसला केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिया गया है।
बता दे की नई शिक्षा नीति में स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक के कई नियमों में बदलाव किए गए हैं एवं नई शिक्षा नीति में 10+2 के फॉर्मेट को पूरी तरह से खत्म कर दिया है अब इसे 5+ 3+ 3+ 4 का फॉर्मेट लाया गया है। इससे निजी स्कूलों में बढ़ रही फीस की मनमानी को भी रोका जा सकेगा एवं विश्वविद्यालय व उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए अब एक कॉमन एंट्रेंस का प्रावधान किया जाएगा।

बता दें कि इस नई शिक्षा नीति में झारखंड कैडर के अमित खरे का अहम योगदान रहा है। उन्होंने भारतीय परंपरा, संस्कृति और भाषा का ध्यान रखा एवं शिक्षा नीति को शिक्षा के क्षेत्र में अपने अनुभवों के आधार पर ज्यादा से ज्यादा उपयोगी बनाया है। नई नीति में मेडिकल व लॉ शिक्षा को छोड़कर उच्च शिक्षा के लिए सिंगल रेगुलेटर बॉडी का प्रावधान किया गया है । इसका नाम नेशनल हायर एजुकेशन रेगुलेटरी अथॉरिटी या हायर एजुकेशन कमिशन ऑफ इंडिया होगा ।