खूंटी के डॉक्टर राजेश कुमार को आयुर्वेदिक एंटी रेबीज दवा के लिए 5 दिसंबर को पेटेंट दिया गया है यह दवा इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर बनाया गया है.

यह दवा जापानी बुखार, डेंगू में लाभकारी है परंतु अभी बाजार में उपलब्ध नहीं है जल्द ही यह दवा बाजार में भी उपलब्ध होगी। कोटी के तोरपा रोड निवासी डॉ गंझू राधिका आयुर्वेद रिसर्च एवं डेवलपमेंट नाम का अपना एक फॉर्म है इससे पहले भी उनकी एक एंटी वायरल दवा को पेटेंट मिल चुका है और यह दवा गोंझूवीर नाम से बाजार में उपलब्ध है टैबलेट चिकनगुनिया ,चिकन पॉक्स, हेपेटाइटिस जैसी बीमारी में लाभकारी है

इसकी खास बात यह है कि इसे विकसित करने के लिए झारखंड की जड़ी बूटियों का इस्तेमाल हो रहा है डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि झारखंड में भी आयुर्वेदिक दवाएं बनाने की सोच रहे हैं परंतु इसमें उन्हें सरकार से भी मदद की जरूरत होगी।