गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही प्रयाग संगीत समिति ,इलाहाबाद और प्राचीन कला केंद्र तथा चंडीगढ़ की डिग्री को संगीत शिक्षक की नियुक्ति के लिए राज्य द्वारा अमान्य कर दिया गया है.जिसके बाद अब शिक्षकों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है .

बता दें कि वहीं वर्ष 2012 में झारखंड सरकार द्वारा दोनों संस्थानों में को मान्यता दी गई थी। संगीत विषय के शिक्षकों का कहना है कि झारखंड सरकार ने गजट की अनदेखी कर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने पत्र को जारी किया है। सीबीएसई स्कूलों में भी दोनों संस्थानों के डिग्री धारी अभ्यर्थियों की नियुक्ति संगीत शिक्षक के रूप में की जाती है। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रयाग संगीत समिति यूपी सरकार के सोसाइटी एक्ट के तहत पंजीकृत संस्था है। यह संस्था वर्ष 1926 से स्थापित है एवं यूजीसी के तहत दोनों संस्थानों को मान्यता दी गई है।