यूनिसेफ और सेव द चिल्ड्रन द्वारा किए गए शोध के अनुसार कोरोना महामारी के कारण देश में आर्थिक संकट बढ़ रही है जिसके बाद गरीब बच्चों की संख्या में 15 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। बता दें कि इस अध्ययन के अनुसार साल के अंत तक कम और मध्यम आय वर्ग में रहने वाले बच्चों की संख्या 8.6 करोड़ तक बढ़ सकती है।

विश्लेषण में बताया गया है कि अगर जल्द ही आर्थिक स्थिति सुधारने पर अगर ध्यान नहीं दिया गया तो कम एवं मध्य आय वाले देशों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 67.2 करोड हो जाएगी। बता दें कि अफ्रीका, मध्य एशिया और दक्षिण एशिया की हालत सबसे खराब है जिसमें गरीब बच्चों की संख्या में 44% तक की बढ़ोतरी हुई है।