नीतू सिंह Jharkhand aajtak
झारखंड हाई कोर्ट में लगातार 16 सितंबर एवं 17 सितंबर को जेएसएससी सीजीएल मामले में सुनवाई हुई .इसमें दोनों और से वकील ने अपनी दलील दिया .सरकार की ओर से वकील ने दलील देते हुए कहा कि जो फोटो और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं. वह 23 सितंबर को खींचा गया है.जिससे प्रतीत होता है कि पेपर लीक नहीं हुआ है क्योंकि परीक्षा 22 सितंबर को समाप्त हो गया था. ऐसे में सीबीआई जांच की कोई जरूरत नहीं है और सीआईडी ने ठोस जांच किया है .सरकार की ओर से दलील देते हुए वकील ने यह भी कहा कि जब इंटरनेट ही बंद था और फोटो 23 तारीख को खींचकर वायरल किया गया तो इसमें पेपर लीक कहां से हुआ है? वहीं दूसरी ओर से जिन लोगों ने याचिका दायर किया है उनके वकील ने कहा की क्वेश्चन पेपर पहले से लीक था और टेलीग्राम चैनल पर आ गया था. नेपाल प्रकरण की भी वहां जिक्र की गई. उसमें यह भी बताया गया की स्टूडेंट को क्वेश्चन पेपर पहले ही मिल गया था और कई लोगों को इसके लिए गिरफ्तार भी किया गया है इसलिए परीक्षा को सीबीआई जांच के लिए देना चाहिए .कोर्ट ने दोनों पक्ष का सुनने के बाद अगली तारीख 15 अक्टूबर का निर्धारण किया है और कहा है कि फिलहाल स्टे जारी रहेगा यानी कि रिजल्ट नहीं निकल जाए.